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- 78 स्कूल और 16 कॉलेज होंगे मर्ज – हिमाचल सरकार ने कम छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को मर्ज करने का फैसला लिया।
- सरप्लस शिक्षकों का युक्तिकरण – स्थानांतरित किए जाएंगे शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ।
- कैबिनेट बैठक में अंतिम निर्णय – प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट में भेजा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूलों और कॉलेजों को मर्ज करने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में यह सहमति बनी कि 78 स्कूल और 16 डिग्री कॉलेजों को नए शैक्षणिक सत्र से पहले मर्ज कर दिया जाएगा। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट में भेजा जाएगा।
सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कई स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। 20 या उससे कम विद्यार्थियों वाले 49 हाई स्कूल और 25 या उससे कम विद्यार्थियों वाले 29 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, 100 से कम विद्यार्थियों वाले 16 डिग्री कॉलेजों को भी बंद किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले के बाद इन शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को जरूरत के हिसाब से अन्य स्कूलों और कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है कि बंद किए जाने वाले कॉलेजों के छात्रों को नजदीकी संस्थानों में शिफ्ट किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि मुख्यालयों और शहरों के कॉलेजों में अपेक्षाकृत अधिक विद्यार्थी हैं, जबकि दूरदराज के क्षेत्रों में कई कॉलेजों में विद्यार्थी बहुत कम हैं। इसी वजह से सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने और संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए यह कदम उठा रही है।



